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आधे घंटे की बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल

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सुलतानपुर। मंगलवार दोपहर बाद करीब आधे घंटे तक हुई तेज बारिश ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी। बरसात थमते ही शहर के प्रमुख मार्गों और आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई। नाले-नालियां चोक होने के कारण गंदा पानी लोगों के घरों और दुकानों तक पहुंच गया। लोगों को अपने घरों से पानी निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी, जबकि दुकानदारों का सामान भी पानी की चपेट में आ गया।
प्यारेपट्टी रोड से लेकर दरियापुर मोहल्ले तक हालात सबसे अधिक खराब रहे। करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी भर जाने से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। कई स्थानों पर लोग नाले और नालियों का स्थान नहीं पहचान सके, जिससे मोटरसाइकिल और साइकिल गड्ढों में फंस गईं। कई राहगीर फिसलकर गिर पड़े और चोटिल भी हुए। ई-रिक्शा, बाइक, साइकिल और चार पहिया वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई। सबसे बड़ा सवाल नगर पालिका की कार्यशैली पर उठ रहा है। हर वर्ष नालों और नालियों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन तेज बारिश में पूरी व्यवस्था की हकीकत सामने आ जाती है। यदि समय रहते नालों की सही सफाई हुई होती तो शहरवासियों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। नगर पालिका क्षेत्र के अलावा दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से जिला मुख्यालय आने वाले लोगों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्यारेपट्टी रोड सैकड़ों गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, लेकिन जलभराव के कारण यह सड़क तालाब में तब्दील हो गई। लोगों को मजबूरी में दुर्गंधयुक्त और गंदे नाले के पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका केवल कागजों पर सफाई अभियान चलाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। नागरिकों ने जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने, नालों की नियमित सफाई कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी शहर की यही स्थिति रहती है तो यह जनता के धन की खुली बर्बादी और नगर पालिका की घोर लापरवाही का प्रमाण है।
जलभराव में फंसे सपा नेता, उठाई जांच की मांग 
समाजवादी पार्टी के नेता एवं शिक्षक श्यामलाल निषाद ने बताया कि वह जिला अध्यक्ष के साथ प्यारेपट्टी रोड पर स्वयं जलभराव में फंस गए थे। काफी देर मशक्कत के बाद निकल सके। उन्होंने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जलनिकासी व्यवस्था की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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